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Archives for February 2017

आईआईएम उदयपुर का इन्क्यूबेशन सेंटर 15 मार्च से शुरू होगा

आईआईएम उदयपुर का इन्क्यूबेशन सेंटर 15 मार्च से शुरू होगा,खुद का व्यापार करने के इछुक लोगो को स्टार्टअप से जुडी सुविधाएं मिल सकेगी।इसके लिए आपको अपना आईडिया प्रस्तुत करना होगा,आईआईएम को आईडिया पसंद आने पर स्टार्टअप के लिए निवेशक,ऑफिस,अन्य आवश्यक संसाधन संसथान उपलब्ध कराएगा।स्टार्टअप के तहत प्लान दिखाने के इछुक आईआईएम की वेबसाइट पर रजिस्टर

महाराष्ट्र की जीत का उदयपुर बीजेपी ने मनाया जश्न

महाराष्ट्र की जीत का उदयपुर बीजेपी ने मनाया जश्न,सूरजपोल चौराहे पर पटाखे फोड़कर व दीया जलाकर जश्न मनाया गया।जीत के जश्न में कई नारे भी लगे।समस्त कार्यकर्ता पूर्ण उत्साह में दिखे।     Please follow and like us:0

जगदीश चौक,सिटी पैलेस ,गुलाबबाग बनेगा नो व्हीकल जोन

शहर के भीतरी क्षेत्रो जगदीश चौक,सिटी पैलेस ,गुलाबबाग में यातायात दबाव को काम करने के लिए जगदीश चौक,सिटी पैलेस ,गुलाबबाग को  नो व्हीकल जोन में परिवर्तित किया जायेगा। Please follow and like us:0

पीओएस से राशन लेने में उदयपुर नंबर वन

खाद्य विभाग में राशन के लिए ट्रांसक्शन के मामले में उदयपुर प्रदेश में सबसे आगे रहा। खाद्य एंवम नागरिक आपूर्ति विभाग के 576865 परिवारों को दिए गए राशन के आधार पर जारी आंकड़ो के आधार पर उदयपुर में 87 प्रतिशत पीओएस ट्रांसक्शन रहा। Please follow and like us:0

शिक्षक को अपने कार्य व संस्थान पर गर्व हो

शैक्षणिक वातावरण का निर्माण,शैक्षिक कार्य के प्रति समर्पण व सादगी पूर्ण जीवन शैली शिक्षक को गरिमा प्रदान करती है।शिक्षक  सामाजिक सांस्कृतिक मूल्यों की व्यापक समझने वाला  व अपने विषय में निष्णात होना चाहिए।उक्त विचार शिक्षाविद् प्रो एम पी शर्मा ने डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित शिक्षक की विशेषताए विषयक संवाद में व्यक्त

बिगड़ते भारत के बोल

भाषा  एक  पहचान  होती  है,किसी  देश  की  प्रगति   की,विकास  की,नई  ऊंचाइयों  को  छूने  की, नई  ऊर्जा  का  प्रवाह करने  नई  ताक़त  देने  की,पर  अपने  निजी  स्वार्थ  की  इससे  ज्यादा  पराकाष्ठा  क्या होगी  जो  अभी  हम  सब देख  रहे है। उत्तर  प्रदेश  के  चुनावी  रंग  को  देख   कर  आज  ऐसा   लग  रहा  है   की  मेरे  देश 

राजस्थानी भाषा की मान्यता की जरूरत

राष्ट्र भाषा का उपयोग गोरवान्वित करता है किन्तु मातृभाषा का भूल जाना दुखद है।बालक की प्रारम्भिक शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिये ।उक्त विचार राजस्थानी मोट्यार परिषद व डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित अंतर राष्ट्रिय मातृ भाषा दिवस के मुख्य अतिथि डॉ ज्योतिपुंज पंड्या ने व्यक्त किये।डॉ ज्योतिपुंज ने कहा कि मातृभाषा के

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