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18-19 नवंबर को होगा लेक फेस्टिवल 2017

18-19 नवंबर को होने वाले लेक फेस्टिवल में इस बार मॉडल के माध्यम से बताया जायेगा कि हमारे पुरखे कैसे बारिश कि बून्द-बून्द को संरक्षित करते थे।इससे लोगो को जल संरक्षण कि जानकारी होने के साथ साथ झील संरक्षण कि जागरूकता भी आएगी।दोनों दिन शाम 5 से 7 बजे तक पर्यटन विभाग मुम्बइया बाजार के

श्री स्वस्तिक विनायक गणपति मित्र मंडल की ओर से बापू बाजार में गणपति महोत्सव में गणपति की आंगी की गयी

श्री स्वस्तिक विनायक गणपति मित्र मंडल की ओर से बापू बाजार में आयोजित गणपति महोत्सव के छठे दिन भगवन गणपति की आंगी की गयी।साथ ही दर्शनाथियों को प्रसाद वितरित किया गया।यह जानकारी देते हुए गणपति मित्र मंडल के अध्यक्ष वैभव अग्रवाल ने बताया कि नोटों कि आंगी देखने व दर्शन के लिए शहर के कोने

What is Ganesh Chaturthi? Why is it celebrated?

Ganesh Chaturthi is a ten-day Hindu festival celebrated to honour the elephant-headed God Ganesha’s birthday. He is the younger son of Lord Shiva and Goddess Parvati. Ganesha is known by 108 different names and is the Lord of arts and sciences and the deva of wisdom. He is honoured at the start of rituals and

रक्षा बंधन 2017- विशेष

अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिये हर बहन रक्षा बंधन के दिन का इंतजार करती है। श्रावण मास की पूर्णिमा को यह पर्व मनाया जाता है। इस पर्व को मनाने के पिछे कहानियां हैं। यदि इसकी शुरुआत के बारे में देखें तो यह भाई-बहन का त्यौहार नहीं बल्कि विजय प्राप्ति के किया

इस बार रक्षाबंधन से पहले पहुंचेगी राखी

इस बार राखी लिफाफा जयपुर में तैयार हुआ है,जिसकी कुल कीमत 10 रूपए है।डाक बाबू इन लिफाफों को अच्छे से पहचान सके तथा रक्षाबंधन से पहले गंतव्य तक पंहुचा दे इसके लिए इन्हे विशेष आवरण दिया गया है।आमतौर पर बहनो की शिकायत रहती है की राखी समय पर नहीं पहुँचती है,लेकिन इस बार विशेष लिफाफे

29 मार्च को चेटीचंड पर निकलेगी शोभायात्रा

28 मार्च को सिंधु महल ,जवाहर नगर में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।29 मार्च को झांकियों के साथ शहर में शोभायात्रा निकली जाएगी।रात को कम्युनिटी हॉल के बहार सिंधी मेला भी लगेगा।सिंधी धर्मशाला,कमलावाड़ी में लंगर लगेगा।इस दिन सिंधी समाज के सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।

गणगोर पूजा शुरू,पर्व 30 मार्च को

गणगोर पूजा होली के दूसरे दिन से शुरू हो जाती है।कुछ महिलाये शीतल सप्तमी के बाद अष्टमी से पूजा शुरू करेंगी।महिलाये सुहाग की सलामती और कन्याएं सुयोग्य वर की कामना किये श्रृंगार करती है।प्रसाद,फल,सुहाग की सामंग्री को 16 के अंक में चढ़ाया जायेगा।16 वे दिन नवरात्री की तृतीय तिथि को तीज पर्व के रूप में

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